प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) 2026: किसानों के लिए फसल नुकसान पर बीमा सुरक्षा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों के कारण होने वाले फसल नुकसान के विरुद्ध बीमा सुरक्षा प्रदान करने वाली केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य किसान की आय को स्थिर रखने और फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान को कम करना है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?

PMFBY को 18 फरवरी 2016 को शुरू किया गया था। योजना के तहत अधिसूचित फसलों और क्षेत्रों में बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जाता है। किसान द्वारा देय प्रीमियम को निर्धारित सीमा तक रखा गया है, जबकि शेष admissible premium पर केंद्र और राज्य सरकारें सब्सिडी प्रदान करती हैं।

यह योजना किसानों को फसल के बोआई से लेकर कटाई के बाद की कुछ परिस्थितियों तक होने वाले निर्धारित जोखिमों से सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

PMFBY का मुख्य उद्देश्य

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना।
  • किसानों की आय को स्थिर करने में सहायता करना।
  • कृषि में निरंतरता बनाए रखने के लिए financial support उपलब्ध कराना।
  • किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • कृषि क्षेत्र में credit flow बनाए रखने में सहायता करना।

किन कारणों से फसल का नुकसान कवर हो सकता है?

PMFBY के तहत अधिसूचना और लागू शर्तों के अनुसार कई जोखिमों को cover किया जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से:

  • सूखा
  • बाढ़
  • जलभराव
  • चक्रवात
  • ओलावृष्टि
  • भूस्खलन
  • प्राकृतिक आग
  • कीट और रोग
  • अन्य अधिसूचित प्राकृतिक जोखिम

शामिल हो सकते हैं।

हालांकि हर फसल, हर क्षेत्र और हर नुकसान स्वतः covered नहीं होता। संबंधित राज्य की season-wise notification और insurance terms देखना जरूरी है।

किसान को कितना Premium देना होता है?

PMFBY में किसान का अधिकतम देय premium सामान्यतः:

फसल का प्रकारकिसान का अधिकतम Premium
खरीफ Foodgrain और Oilseed Crops2%
रबी Foodgrain और Oilseed Crops1.5%
Annual Commercial / Horticultural Crops5%

किसान के हिस्से से अधिक admissible actuarial premium होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार subsidy सरकारों द्वारा वहन की जाती है।

कौन से किसान PMFBY का लाभ ले सकते हैं?

अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले पात्र किसान योजना के तहत बीमा कवरेज प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते वे संबंधित season और scheme rules को पूरा करते हों।

योजना में loanee और non-loanee farmers दोनों के लिए coverage के प्रावधान हैं, लेकिन वर्तमान season में enrolment और eligibility की वास्तविक शर्तें संबंधित राज्य की notification पर निर्भर करती हैं।

क्या सभी किसानों के लिए PMFBY अनिवार्य है?

PMFBY की वर्तमान व्यवस्था में किसान की coverage सामान्यतः voluntary है। विशेष रूप से crop loan/KCC लेने वाले किसानों के लिए भी मौजूदा व्यवस्था में scheme से बाहर निकलने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और cut-off का पालन करना महत्वपूर्ण हो सकता है।

इसलिए किसान को अपने बैंक, CSC या संबंधित कृषि विभाग से current season की स्थिति जरूर verify करनी चाहिए।

फसल खराब होने पर क्या होता है?

अगर insured crop को covered risk के कारण नुकसान होता है, तो claim assessment और settlement योजना के नियमों के अनुसार किया जाता है।

किसान के लिए सबसे जरूरी बात है कि फसल नुकसान की सूचना समय पर दें और आवश्यक documents/जानकारी सुरक्षित रखें।

कई परिस्थितियों में नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा में देना जरूरी होता है।

PMFBY क्यों महत्वपूर्ण है?

कृषि में मौसम और प्राकृतिक जोखिम के कारण किसान को अचानक बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। PMFBY ऐसे जोखिमों के विरुद्ध insurance protection देकर किसान की financial vulnerability कम करने में मदद करती है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) 2026: Online आवेदन, Premium और Claim की प्रक्रिया

Part 1 में हमने PMFBY की basic जानकारी, premium और coverage समझा। अब जानते हैं कि किसान PMFBY के लिए enrolment कैसे कर सकते हैं और फसल खराब होने पर claim की प्रक्रिया क्या होती है।

PMFBY में आवेदन कैसे करें?

PMFBY में enrolment के लिए किसान संबंधित बैंक/Financial Institution, CSC या अधिकृत insurance channel के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उपलब्ध माध्यम और प्रक्रिया राज्य तथा season की notification के अनुसार अलग हो सकती है।

आवेदन करते समय सामान्यतः किसान से ये जानकारी मांगी जा सकती है:

  • किसान का नाम और पहचान संबंधी जानकारी
  • Bank Account Details
  • Aadhaar/अन्य निर्धारित पहचान
  • जमीन और खेती से संबंधित विवरण
  • बोई गई फसल की जानकारी
  • मोबाइल नंबर
  • आवश्यक declaration/documents

किसान को application submit करने के बाद acknowledgement/receipt जरूर सुरक्षित रखनी चाहिए।

Online Enrolment कैसे किया जा सकता है?

PMFBY से संबंधित online services के लिए official National Crop Insurance Portal (NCIP) का उपयोग किया जाता है। हालांकि किसान के लिए enrolment का exact तरीका राज्य और season के अनुसार बदल सकता है।

इसलिए current season में पहले यह check करें कि:

आपका राज्य → कौन-सी फसल → कौन-सा क्षेत्र → enrolment की अंतिम तारीख → premium → notified insurance company

क्या निर्धारित है।

Premium कैसे जमा होता है?

किसान का हिस्सा निर्धारित maximum premium rate के अनुसार होता है:

  • Kharif Foodgrain/Oilseed: अधिकतम 2%
  • Rabi Foodgrain/Oilseed: अधिकतम 1.5%
  • Annual Commercial/Horticultural Crops: अधिकतम 5%

बाकी admissible premium subsidy के रूप में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा scheme rules के अनुसार वहन किया जाता है।

फसल खराब होने पर सबसे जरूरी काम

अगर insured crop को covered event से नुकसान हुआ है, तो किसान को नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर देनी चाहिए।

सूचना देने के लिए उपलब्ध माध्यम राज्य और insurer के अनुसार अलग हो सकते हैं, जैसे:

  • Insurance Company
  • Bank
  • कृषि विभाग
  • CSC
  • निर्धारित helpline/online channel

नुकसान की सूचना देते समय किसान को अपनी policy/enrolment details और crop-loss information उपलब्ध रखनी चाहिए।

Claim के लिए कौन-कौन सी जानकारी जरूरी हो सकती है?

Claim process में आवश्यकता के अनुसार किसान से कुछ जानकारी मांगी जा सकती है, जैसे:

  • किसान का नाम
  • मोबाइल नंबर
  • Bank Account Details
  • Insured Crop
  • Survey/Policy Details
  • नुकसान की तारीख
  • खेत/स्थान की जानकारी
  • अन्य निर्धारित documents

हर प्रकार के claim में documents और assessment प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती।

फसल नुकसान का Assessment कैसे होता है?

PMFBY में claim calculation और crop-loss assessment notified crop, area, risk और claim type के अनुसार निर्धारित procedure से किया जाता है।

Large-area yield loss वाले claims में notified area के Threshold Yield और Actual Yield जैसे parameters का उपयोग किया जा सकता है।

वहीं कुछ localized calamities और post-harvest losses के लिए अलग assessment mechanism लागू हो सकता है।

इसलिए केवल खेत में नुकसान देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कितना claim मिलेगा।

Localized Calamity में क्या करें?

अगर किसी किसान की crop को hailstorm, inundation, landslide जैसी localized घटना से नुकसान हुआ है और वह घटना scheme में notified/permitted risk है, तो किसान को prescribed process के अनुसार नुकसान की सूचना समय पर देनी चाहिए।

इसके बाद नुकसान का assessment निर्धारित procedure के अनुसार किया जाता है।

Post-Harvest नुकसान भी महत्वपूर्ण है

कुछ परिस्थितियों में कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई insured crop को भी specified risks से होने वाले नुकसान के लिए coverage मिल सकती है, लेकिन इसके लिए scheme की निर्धारित conditions और time limit लागू होती है।

इसलिए कटाई के बाद crop damage होने पर भी किसान को तुरंत संबंधित authority/insurer से संपर्क करना चाहिए।

Claim का पैसा कैसे मिलता है?

स्वीकृत claim की राशि scheme rules के अनुसार निर्धारित होने के बाद किसान के registered bank account में transfer की जा सकती है।

Claim amount सभी किसानों के लिए fixed नहीं होता। यह insured crop, area, notified conditions, नुकसान और applicable assessment के आधार पर अलग हो सकता है।

अगर Claim में परेशानी हो तो?

अगर किसान को claim से संबंधित समस्या हो, तो वह पहले संबंधित insurance company, bank, agriculture department या designated grievance mechanism से संपर्क कर सकता है।

किसान को अपनी:

Policy/Enrolment Details + Application/Receipt + Claim Information

सुरक्षित रखनी चाहिए, ताकि शिकायत करते समय record उपलब्ध हो।

PMFBY में आवेदन करते समय 5 जरूरी बातें

1. अंतिम तारीख जरूर देखें
हर crop season की enrolment deadline अलग हो सकती है।

2. सही फसल की जानकारी दें
जिस crop का insurance लिया जा रहा है, उसकी details सही होनी चाहिए।

3. Receipt संभालकर रखें
Application/enrolment की acknowledgement future में काम आ सकती है।

4. नुकसान की सूचना देर से न दें
Applicable deadline के अंदर reporting करना बेहद जरूरी है।

5. केवल Official Information पर भरोसा करें
Premium, notified crop, insurance company और deadline अपने राज्य की official notification से verify करें।

PMFBY में आवेदन कैसे करें?

PMFBY में enrolment के लिए किसान संबंधित बैंक/Financial Institution, CSC या अधिकृत insurance channel के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उपलब्ध माध्यम और प्रक्रिया राज्य तथा season की notification के अनुसार अलग हो सकती है।

आवेदन करते समय सामान्यतः किसान से ये जानकारी मांगी जा सकती है:

  • किसान का नाम और पहचान संबंधी जानकारी
  • Bank Account Details
  • Aadhaar/अन्य निर्धारित पहचान
  • जमीन और खेती से संबंधित विवरण
  • बोई गई फसल की जानकारी
  • मोबाइल नंबर
  • आवश्यक declaration/documents

किसान को application submit करने के बाद acknowledgement/receipt जरूर सुरक्षित रखनी चाहिए।

Online Enrolment कैसे किया जा सकता है?

PMFBY से संबंधित online services के लिए official National Crop Insurance Portal (NCIP) का उपयोग किया जाता है। हालांकि किसान के लिए enrolment का exact तरीका राज्य और season के अनुसार बदल सकता है।

इसलिए current season में पहले यह check करें कि:

आपका राज्य → कौन-सी फसल → कौन-सा क्षेत्र → enrolment की अंतिम तारीख → premium → notified insurance company

क्या निर्धारित है।

Premium कैसे जमा होता है?

किसान का हिस्सा निर्धारित maximum premium rate के अनुसार होता है:

  • Kharif Foodgrain/Oilseed: अधिकतम 2%
  • Rabi Foodgrain/Oilseed: अधिकतम 1.5%
  • Annual Commercial/Horticultural Crops: अधिकतम 5%

बाकी admissible premium subsidy के रूप में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा scheme rules के अनुसार वहन किया जाता है।

फसल खराब होने पर सबसे जरूरी काम

अगर insured crop को covered event से नुकसान हुआ है, तो किसान को नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर देनी चाहिए।

सूचना देने के लिए उपलब्ध माध्यम राज्य और insurer के अनुसार अलग हो सकते हैं, जैसे:

  • Insurance Company
  • Bank
  • कृषि विभाग
  • CSC
  • निर्धारित helpline/online channel

नुकसान की सूचना देते समय किसान को अपनी policy/enrolment details और crop-loss information उपलब्ध रखनी चाहिए।

Claim के लिए कौन-कौन सी जानकारी जरूरी हो सकती है?

Claim process में आवश्यकता के अनुसार किसान से कुछ जानकारी मांगी जा सकती है, जैसे:

  • किसान का नाम
  • मोबाइल नंबर
  • Bank Account Details
  • Insured Crop
  • Survey/Policy Details
  • नुकसान की तारीख
  • खेत/स्थान की जानकारी
  • अन्य निर्धारित documents

हर प्रकार के claim में documents और assessment प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती।

फसल नुकसान का Assessment कैसे होता है?

PMFBY में claim calculation और crop-loss assessment notified crop, area, risk और claim type के अनुसार निर्धारित procedure से किया जाता है।

Large-area yield loss वाले claims में notified area के Threshold Yield और Actual Yield जैसे parameters का उपयोग किया जा सकता है।

वहीं कुछ localized calamities और post-harvest losses के लिए अलग assessment mechanism लागू हो सकता है।

इसलिए केवल खेत में नुकसान देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कितना claim मिलेगा।

Localized Calamity में क्या करें?

अगर किसी किसान की crop को hailstorm, inundation, landslide जैसी localized घटना से नुकसान हुआ है और वह घटना scheme में notified/permitted risk है, तो किसान को prescribed process के अनुसार नुकसान की सूचना समय पर देनी चाहिए।

इसके बाद नुकसान का assessment निर्धारित procedure के अनुसार किया जाता है।

Post-Harvest नुकसान भी महत्वपूर्ण है

कुछ परिस्थितियों में कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई insured crop को भी specified risks से होने वाले नुकसान के लिए coverage मिल सकती है, लेकिन इसके लिए scheme की निर्धारित conditions और time limit लागू होती है।

इसलिए कटाई के बाद crop damage होने पर भी किसान को तुरंत संबंधित authority/insurer से संपर्क करना चाहिए।

Claim का पैसा कैसे मिलता है?

स्वीकृत claim की राशि scheme rules के अनुसार निर्धारित होने के बाद किसान के registered bank account में transfer की जा सकती है।

Claim amount सभी किसानों के लिए fixed नहीं होता। यह insured crop, area, notified conditions, नुकसान और applicable assessment के आधार पर अलग हो सकता है।

अगर Claim में परेशानी हो तो?

अगर किसान को claim से संबंधित समस्या हो, तो वह पहले संबंधित insurance company, bank, agriculture department या designated grievance mechanism से संपर्क कर सकता है।

किसान को अपनी:

Policy/Enrolment Details + Application/Receipt + Claim Information

सुरक्षित रखनी चाहिए, ताकि शिकायत करते समय record उपलब्ध हो।

PMFBY में आवेदन करते समय 5 जरूरी बातें

1. अंतिम तारीख जरूर देखें
हर crop season की enrolment deadline अलग हो सकती है।

2. सही फसल की जानकारी दें
जिस crop का insurance लिया जा रहा है, उसकी details सही होनी चाहिए।

3. Receipt संभालकर रखें
Application/enrolment की acknowledgement future में काम आ सकती है।

4. नुकसान की सूचना देर से न दें
Applicable deadline के अंदर reporting करना बेहद जरूरी है।

5. केवल Official Information पर भरोसा करें
Premium, notified crop, insurance company और deadline अपने राज्य की official notification से verify करें।

PMFBY में कितना Claim मिल सकता है?

PMFBY में सभी किसानों के लिए कोई एक fixed claim amount नहीं होता। Claim की राशि कई factors पर निर्भर करती है, जैसे:

  • अधिसूचित फसल
  • अधिसूचित क्षेत्र
  • Sum Insured
  • फसल की वास्तविक उपज
  • Threshold Yield
  • नुकसान का प्रकार
  • लागू insurance terms और notification

इसलिए किसी किसान को यह बताना सही नहीं होगा कि हर नुकसान पर निश्चित ₹10,000, ₹20,000 या ₹50,000 मिलेगा।

Claim की Calculation कैसे होती है?

Area Approach के अंतर्गत व्यापक crop-yield loss के लिए claim calculation में Threshold Yield (TY) और Actual Yield (AY) महत्वपूर्ण होते हैं।

सामान्य formula इस प्रकार समझा जा सकता है:

Claim = (Threshold Yield − Actual Yield) ÷ Threshold Yield × Sum Insured

उदाहरण के लिए, अगर किसी अधिसूचित crop की:

  • Threshold Yield = 1000 kg/hectare
  • Actual Yield = 600 kg/hectare
  • Sum Insured = ₹50,000/hectare

तो:

Claim = (1000 − 600) ÷ 1000 × ₹50,000

Claim = ₹20,000

यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है। वास्तविक claim संबंधित notification, crop, area और applicable PMFBY rules के अनुसार निर्धारित होता है।

Localized Crop Loss में Claim

हर crop loss का assessment एक जैसा नहीं होता।

अगर किसी किसान की फसल को ओलावृष्टि, बाढ़/जलभराव, भूस्खलन या अन्य covered localized calamity से नुकसान हुआ है, तो उसके लिए अलग assessment process लागू हो सकता है।

ऐसे मामलों में किसान को नुकसान की जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित channel को देना बहुत जरूरी है।

Post-Harvest Loss पर भी ध्यान दें

PMFBY में specified conditions के तहत कुछ post-harvest losses भी cover किए जा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, harvesting के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी insured crop को notified risk से नुकसान होने पर applicable provisions के अनुसार claim किया जा सकता है।

लेकिन post-harvest coverage पर specific conditions और time limit लागू होती है।

किन मामलों में Claim नहीं मिल सकता?

हर प्रकार का crop loss automatically insured नहीं होता।

Claim प्रभावित हो सकता है यदि:

  • नुकसान covered/permitted risk के अंतर्गत नहीं आता।
  • संबंधित crop या area उस season में notified नहीं था।
  • insurance/enrolment सही तरीके से नहीं हुआ।
  • नुकसान की सूचना निर्धारित प्रक्रिया या समय सीमा के अनुसार नहीं दी गई।
  • policy की applicable conditions पूरी नहीं हुईं।
  • loss assessment में eligible नुकसान स्थापित नहीं होता।

इसलिए insurance लेने से पहले state notification और notified crops/areas की जानकारी देखना जरूरी है।

Claim में देरी हो तो क्या करें?

अगर किसान का eligible claim process होने में परेशानी हो रही है, तो सबसे पहले संबंधित insurance company से संपर्क करना चाहिए।

इसके अलावा किसान:

  1. अपने Bank/CSC से जानकारी ले सकता है।
  2. संबंधित कृषि विभाग से संपर्क कर सकता है।
  3. अपनी policy/enrolment और claim details संभालकर रख सकता है।
  4. उपलब्ध grievance mechanism के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकता है।

शिकायत करते समय ये Details रखें

शिकायत करते समय किसान के पास ये जानकारी होना उपयोगी है:

  • किसान का नाम
  • मोबाइल नंबर
  • Policy/Enrolment details
  • Bank details
  • Insured crop
  • Village/Area
  • नुकसान की जानकारी
  • Claim/Application reference
  • उपलब्ध documents और receipts

इससे complaint की tracking और verification आसान हो सकती है।

PMFBY में किसान के लिए सबसे जरूरी बातें

① सही समय पर Enrolment करें
अपने राज्य की current season deadline जरूर देखें।

② सही Crop और Area की जानकारी दें
गलत जानकारी आगे claim process को प्रभावित कर सकती है।

③ Premium और Receipt सुरक्षित रखें
Payment/enrolment का proof संभालकर रखें।

④ नुकसान तुरंत Report करें
Crop loss होने पर निर्धारित reporting timeline को miss न करें।

⑤ Claim Amount को Fixed न समझें
Claim actual assessment और scheme rules के आधार पर तय होता है।

⑥ Official Portal से जानकारी Verify करें
किसी एजेंट या अनजान website की बात पर बिना verification भरोसा न करें।

PMFBY का सबसे बड़ा फायदा

कृषि में प्राकृतिक जोखिम के कारण होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान को कम करने में crop insurance महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। PMFBY किसानों को notified risks के विरुद्ध insurance protection प्रदान करती है और eligible loss की स्थिति में financial support का mechanism उपलब्ध कराती है।

हालांकि किसान को यह समझना जरूरी है कि हर नुकसान पर automatic payment नहीं होता। Coverage, notification, assessment और applicable conditions के आधार पर claim तय होता है।

यह भी पढ़ें

PM-DevINE Scheme 2026

SOF Defence Services Academic Excellence Scholarship 2026-27

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

PMFBY में कितना पैसा मिलता है?

कोई fixed amount नहीं है। Claim की राशि Sum Insured, crop yield, नुकसान और applicable rules के अनुसार निर्धारित होती है।

क्या सूखे से फसल खराब होने पर Claim मिल सकता है?

अगर संबंधित crop और area के लिए सूखा covered/notified risk के रूप में लागू है और scheme की conditions पूरी होती हैं, तो claim का प्रावधान हो सकता है।

क्या ओलावृष्टि से नुकसान होने पर Claim मिल सकता है?

Notified और covered conditions के तहत localized calamity के रूप में claim का प्रावधान हो सकता है।

Crop Loss की जानकारी कब देनी चाहिए?

नुकसान होने पर लागू निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित insurer/निर्धारित channel को सूचना देना चाहिए। Exact deadline संबंधित season और claim type के अनुसार verify करें।

Claim का पैसा कहां आता है?

स्वीकृत claim की राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसान के registered bank account में transfer की जा सकती है।

PMFBY की Official Website कौन-सी है?

PMFBY की official website पर scheme information, guidelines और अन्य संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हैं:

PMFBY Official Portal

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों को प्राकृतिक जोखिमों के कारण होने वाले crop loss से financial protection देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। किसान के लिए सबसे जरूरी है कि वह सही समय पर enrolment करे, सही crop details दे, premium/receipt सुरक्षित रखे और नुकसान होने पर समय पर report करे।

PMFBY को समझते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि claim की राशि fixed नहीं होती और हर crop loss automatically payable नहीं होता। Actual claim applicable notification, coverage और assessment के आधार पर तय किया जाता है।

Leave a Comment