राजस्थान की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा महिला उद्यमिता से जुड़ी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राजस्थान सरकार के वर्तमान 2026-27 बजट दस्तावेज में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत महिलाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यम स्थापित करने, विस्तार करने, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के लिए सब्सिडी वाले ऋण उपलब्ध कराने का उल्लेख है।
राजस्थान के जन आधार योजना डेटाबेस में Indira Mahila Shakti Udhyam Protsahan Yojana भी महिला सशक्तिकरण विभाग की योजना के रूप में सूचीबद्ध है। इसलिए इस पोस्ट में पुराने/प्रचलित नाम के साथ वर्तमान सरकारी जानकारी को भी ध्यान में रखा गया है।
Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana 2026 क्या है?
Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana 2026 राजस्थान में महिलाओं को उद्यमिता की ओर बढ़ाने वाली सरकारी पहल है। इसका उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखकर उन्हें स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर देना है।
वर्तमान सरकारी बजट में इसी महिला उद्यमिता सहायता को Mukhyamantri Nari Shakti Udyam Protsahan Yojana के नाम से भी दर्शाया गया है। योजना के अंतर्गत बैंक/वित्तीय संस्थानों के माध्यम से उद्यम स्थापित करने के लिए सब्सिडी वाले ऋण उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना।
- महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना।
- महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
- महिला स्वयं सहायता समूहों को व्यवसायिक गतिविधियों के लिए सहायता देना।
- नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
- छोटे और मध्यम व्यवसायों को बढ़ावा देना।
- मौजूदा व्यवसायों के विस्तार में सहायता करना।
- व्यवसायों के आधुनिकीकरण और विविधीकरण को प्रोत्साहित करना।
- महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाना।
- राजस्थान में महिला उद्यमिता को मजबूत करना।
योजना के अंतर्गत किस प्रकार के व्यवसाय के लिए ऋण मिल सकता है?
आधिकारिक योजना FAQ के अनुसार ऋण विनिर्माण (Manufacturing), सेवा (Service) और व्यापार (Trade) आधारित उद्यमों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। केवल नया व्यवसाय ही नहीं, बल्कि पहले से स्थापित उद्यम के विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के लिए भी ऋण का प्रावधान है।
उदाहरण के तौर पर पात्र गतिविधियों में परिस्थितियों और योजना के नियमों के अनुसार छोटे विनिर्माण व्यवसाय, सेवा केंद्र, व्यापारिक प्रतिष्ठान, महिला आधारित उद्यम और अन्य स्वीकृत व्यवसाय शामिल हो सकते हैं।
योजना के प्रमुख लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पात्र महिला उद्यमियों को व्यवसाय के लिए बैंक या वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में सरकारी सहायता मिलती है।
इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—
- व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता।
- सब्सिडी वाले ऋण की सुविधा।
- नया उद्यम स्थापित करने का अवसर।
- पुराने व्यवसाय को बढ़ाने में सहायता।
- व्यवसाय के आधुनिकीकरण में सहयोग।
- व्यवसाय में विविधीकरण करने का अवसर।
- महिलाओं की आय बढ़ाने में सहायता।
- स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा।
- महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता की ओर बढ़ने में सहयोग।
- आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।
कितना लोन मिल सकता है?
वर्तमान राजस्थान सरकार के 2026-27 Economic Review में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत महिलाओं/SHGs के लिए ₹50 लाख तक तथा SHG के Clusters/Federations के लिए ₹1 करोड़ तक के ऋण का उल्लेख किया गया है।
ध्यान रखें कि वास्तविक स्वीकृत ऋण राशि आवेदक की पात्रता, व्यवसाय की प्रकृति, परियोजना लागत, बैंक के मूल्यांकन और लागू सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी। इसलिए केवल अधिकतम सीमा देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि प्रत्येक आवेदक को उतनी ही राशि मिलेगी।
किन महिलाओं के लिए यह योजना उपयोगी है?
यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकती है जो—
- अपना नया व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं।
- मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं।
- अपने व्यवसाय में नई गतिविधि जोड़ना चाहती हैं।
- व्यवसाय को आधुनिक बनाना चाहती हैं।
- स्वरोजगार के माध्यम से आय बढ़ाना चाहती हैं।
- स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उद्यम शुरू करना चाहती हैं।
- बैंक ऋण के साथ सरकारी सहायता प्राप्त करना चाहती हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए अवसर
योजना केवल व्यक्तिगत महिला उद्यमियों तक सीमित नहीं है। सरकारी 2026-27 बजट दस्तावेज में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए भी उद्यम स्थापित करने हेतु सब्सिडी वाले ऋण की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। SHG के बड़े समूहों के लिए Cluster/Federation स्तर पर भी सहायता का प्रावधान बताया गया है।
इससे महिलाओं के समूह मिलकर उत्पादन, सेवा या व्यापार से संबंधित व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और सामूहिक रूप से आय के अवसर पैदा कर सकते हैं।
योजना महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
कई महिलाएं व्यवसाय शुरू करने का कौशल और इच्छा रखने के बावजूद पूंजी की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं। बैंक ऋण और सरकारी सहायता का संयोजन ऐसी महिलाओं के लिए व्यवसाय शुरू करने की संभावना को आसान बना सकता है।
इस प्रकार की योजनाओं से महिलाएं अपने कौशल को व्यवसाय में बदल सकती हैं, परिवार की आय में योगदान दे सकती हैं और आगे चलकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।
वर्तमान 2026 की महत्वपूर्ण जानकारी
राजस्थान सरकार के 2026-27 के आधिकारिक Output-Outcome Budget में इस उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने या मौजूदा उद्यम का विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण करने के लिए सब्सिडी वाले ऋण उपलब्ध कराना बताया गया है। 2026-27 के लिए 1,200 आवेदकों को सब्सिडी वाले ऋण से जोड़ने का लक्ष्य भी दर्ज है।
Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana 2026 की पात्रता
वर्तमान राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर यह योजना मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के नाम से संचालित दिखाई देती है। इसके तहत व्यक्तिगत महिला उद्यमी, महिला स्वयं सहायता समूह तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के क्लस्टर/फेडरेशन आवेदन कर सकते हैं।
मुख्य पात्रता इस प्रकार है—
- आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक राजस्थान का निवासी होना चाहिए।
- व्यक्तिगत महिला उद्यमी आवेदन कर सकती हैं।
- पात्र महिला स्वयं सहायता समूह आवेदन कर सकते हैं।
- महिला स्वयं सहायता समूहों के क्लस्टर/फेडरेशन भी आवेदन कर सकते हैं।
- नया उद्यम स्थापित करने के साथ मौजूदा उद्यम के विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।
- आवेदन के लिए कोई अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है।
योजना में कितना लोन मिल सकता है?
आधिकारिक FAQ के अनुसार ऋण की अधिकतम सीमा उद्यम और आवेदक की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है—
- उद्यम स्थापना: अधिकतम ₹1 करोड़ तक
- व्यापार: अधिकतम ₹10 लाख तक
- व्यक्तिगत महिला लाभार्थी/महिला स्वयं सहायता समूह: अधिकतम ₹50 लाख तक
- महिला SHG Cluster/Federation: अधिकतम ₹1 करोड़ तक
अंतिम ऋण राशि बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था द्वारा परियोजना की व्यवहार्यता और अन्य निर्धारित मानदंडों के आधार पर तय की जाएगी।
कितनी सब्सिडी या ऋण अनुदान मिलता है?
इस योजना में स्वीकृत ऋण राशि पर सामान्य श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को 25% ऋण अनुदान दिया जाता है।
विशेष श्रेणी के आवेदकों के लिए यह अनुदान 30% है। इसमें विधवा, परित्यक्ता, हिंसा से पीड़ित महिला, दिव्यांग तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदक शामिल हैं।
उदाहरण
मान लीजिए किसी लाभार्थी को ₹10 लाख का पात्र ऋण स्वीकृत होता है। सामान्य श्रेणी में 25% के हिसाब से ₹2.50 लाख का ऋण अनुदान बनता है।
यह राशि तुरंत नकद रूप में हाथ में नहीं दी जाती। आधिकारिक FAQ के अनुसार अनुदान राशि TDR के रूप में 3 वर्ष तक रखी जाती है। यदि उद्यम सफलतापूर्वक चलता है और ऋण का पुनर्भुगतान लगातार किया जाता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार यह राशि बकाया ऋण से कम की जाती है।
स्वयं का कितना अंशदान देना होगा?
आधिकारिक FAQ के अनुसार—
- ₹10 लाख तक के परियोजना प्रस्ताव में कम से कम 5% स्वयं का अंशदान देना होता है।
- ₹10 लाख से अधिक के परियोजना प्रस्ताव में कम से कम 10% स्वयं का अंशदान देना होता है।
आवेदन पोर्टल में परियोजना लागत, स्वयं का अंशदान और आवश्यक ऋण राशि अलग-अलग दर्ज करनी होती है।
कौन-कौन से व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं?
योजना के अंतर्गत उद्योग, सेवा और व्यापार से संबंधित पात्र उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। मौजूदा उद्यम के विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
हालांकि कुछ गतिविधियां योजना से बाहर हैं। उदाहरण के लिए मांस, मदिरा और मादक पदार्थों से बने उत्पाद, विस्फोटक पदार्थ तथा सरकार द्वारा प्रतिबंधित कुछ उत्पाद/गतिविधियां पात्र नहीं हैं।
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन के लिए सामान्य रूप से निम्न दस्तावेज तैयार रखने चाहिए—
- मूल निवास प्रमाण-पत्र
- आवेदक की फोटो
- आधार कार्ड
- जन आधार संख्या
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट, जहां आवश्यक हो
- शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, यदि उपलब्ध हो
- विशेष श्रेणी का प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो
- बैंक एवं वित्तीय संस्था से संबंधित जानकारी
- अन्य दस्तावेज जो आवेदन पोर्टल पर मांगे जाएं
आधिकारिक आवेदन फॉर्म में आवेदक की फोटो और मूल निवास प्रमाण-पत्र अनिवार्य दिखाए गए हैं। यदि परियोजना प्रस्ताव ₹10 लाख से अधिक है, तो प्रोजेक्ट रिपोर्ट लगाना अनिवार्य बताया गया है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। आधिकारिक FAQ के अनुसार SSO Portal के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।
आवेदन करते समय—
- राजस्थान SSO पोर्टल पर जाएं।
- योजना के आवेदन पोर्टल में लॉगिन करें।
- आवेदक का प्रकार चुनें।
- प्रस्तावित उद्यम का प्रकार चुनें।
- व्यक्तिगत एवं संपर्क संबंधी जानकारी भरें।
- व्यवसाय/परियोजना की जानकारी दर्ज करें।
- प्रस्तावित वित्तीय संस्था और बैंक शाखा की जानकारी भरें।
- परियोजना लागत और स्वयं के अंशदान की जानकारी दर्ज करें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- घोषणा को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
- सभी जानकारी दोबारा जांचकर आवेदन जमा करें।
- आवेदन से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन में व्यक्तिगत महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह, SHG Cluster/Federation तथा अन्य उपलब्ध आवेदक प्रकारों के विकल्प दिखाई देते हैं।
आवेदन करते समय महत्वपूर्ण सावधानियां
- आधार और जन आधार की जानकारी सही भरें।
- राजस्थान का निवास प्रमाण-पत्र तैयार रखें।
- परियोजना की लागत वास्तविक रखें।
- बैंक की जानकारी ध्यानपूर्वक दर्ज करें।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट में व्यवसाय की पूरी जानकारी दें।
- गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज अपलोड न करें।
- आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी जांच लें।
- बैंक से ऋण की अंतिम स्वीकृति होने तक बैंक के साथ संपर्क बनाए रखें।
आधिकारिक पोर्टल यह भी बताता है कि सामान्य आवेदन के लिए किसी CA या विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं है और आवेदन स्वयं भरा जा सकता है।
आवश्यक समन्वय रखना महत्वपूर्ण है।
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार ₹10 लाख से कम ऋण वाले आवेदन कार्यालय स्तर पर परीक्षण के बाद निर्णय के लिए आगे बढ़ाए जा सकते हैं। आवेदन के अलग-अलग चरणों पर आवेदक को SMS द्वारा सूचना भी दी जाती है।
योजना में चयन कैसे होता है?
चयन और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में सामान्यतः निम्नलिखित चरण शामिल हो सकते हैं—
- ऑनलाइन आवेदन जमा करना।
- आवेदन एवं दस्तावेजों की जांच।
- परियोजना और व्यवसाय की जानकारी का परीक्षण।
- पात्रता की जांच।
- संबंधित विभाग द्वारा अनुशंसा।
- बैंक/वित्तीय संस्था द्वारा परियोजना का मूल्यांकन।
- बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति।
- आवश्यक प्रशिक्षण या अन्य निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना, जहां लागू हो।
- ऋण वितरण।
- निर्धारित शर्तों के अनुसार ऋण अनुदान का लाभ।
- उद्यम की प्रगति एवं ऋण पुनर्भुगतान की निगरानी।
ध्यान रखें कि सरकारी योजना में आवेदन करना अपने आप बैंक ऋण की गारंटी नहीं देता। अंतिम ऋण स्वीकृति संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था के नियमों और परियोजना के मूल्यांकन पर निर्भर करती है।
ऋण अनुदान का लाभ कैसे मिलता है?
योजना के आधिकारिक FAQ के अनुसार सामान्य श्रेणी में स्वीकृत ऋण राशि का 25% ऋण अनुदान और विशेष श्रेणी के पात्र आवेदकों के लिए 30% ऋण अनुदान निर्धारित है। विशेष श्रेणी में विधवा, परित्यक्ता, हिंसा से पीड़ित महिला, दिव्यांग तथा SC/ST आवेदक शामिल हैं।
यह राशि तुरंत नकद के रूप में हाथ में नहीं दी जाती। आधिकारिक नियमों के अनुसार ऋण अनुदान को TDR के रूप में 3 वर्ष के लिए रखा जाता है। यदि उद्यम निर्धारित शर्तों के अनुसार चलता है और ऋण का निरंतर पुनर्भुगतान होता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुदान राशि बकाया ऋण में समायोजित की जाती है।
क्या ₹10 लाख तक के ऋण पर Collateral Security लगेगी?
आधिकारिक FAQ के अनुसार ₹10 लाख तक के ऋण पर RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार Collateral Security की मांग नहीं की जाएगी। ₹10 लाख से अधिक के ऋण पर वित्तीय संस्था अपने लागू नियमों के अनुसार Collateral Security मांग सकती है।
आवेदन में किन गलतियों से बचना चाहिए?
आवेदन करते समय छोटी गलती भी प्रक्रिया में परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए—
- आधार नंबर सही दर्ज करें।
- जन आधार की जानकारी सही भरें।
- मूल निवास प्रमाण-पत्र स्पष्ट अपलोड करें।
- फोटो सही प्रारूप में अपलोड करें।
- परियोजना लागत वास्तविक रखें।
- बैंक और IFSC की जानकारी दोबारा जांचें।
- गलत या फर्जी दस्तावेज अपलोड न करें।
- व्यवसाय की गतिविधि सही चुनें।
- यदि परियोजना ₹10 लाख से अधिक है, तो आवश्यक Project Report तैयार रखें।
- आवेदन जमा करने से पहले पूरी जानकारी दोबारा जांचें।
- बैंक से संबंधित सूचना मिलने पर समय पर प्रतिक्रिया दें।
आधिकारिक आवेदन पोर्टल में Project Report, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आवेदक की फोटो और मूल निवास प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों के लिए अपलोड विकल्प दिए गए हैं।
किन गतिविधियों के लिए योजना का लाभ नहीं मिलेगा?
योजना के FAQ के अनुसार कुछ गतिविधियां नकारात्मक सूची में रखी गई हैं। इनमें मांस, मदिरा एवं मादक पदार्थों से बने उत्पादों का निर्माण या बिक्री, विस्फोटक पदार्थ, ₹10 लाख से अधिक ऑन-रोड कीमत वाले कुछ परिवहन वाहन, गैर-पुनर्चक्रणीय पॉलिथीन एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक उत्पाद तथा सरकार द्वारा प्रतिबंधित गतिविधियां शामिल हैं।
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FAQ
1. Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana 2026 क्या है?
यह राजस्थान में महिलाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यम स्थापित करने तथा मौजूदा उद्यम के विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय सहायता और ऋण अनुदान उपलब्ध कराने वाली योजना है। वर्तमान सरकारी पोर्टल पर इसे मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के नाम से प्रदर्शित किया गया है।
2. इस योजना के लिए न्यूनतम आयु कितनी है?
व्यक्तिगत महिला आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। आधिकारिक FAQ में अधिकतम आयु सीमा का प्रावधान नहीं बताया गया है।
3. क्या शैक्षणिक योग्यता जरूरी है?
नहीं। आधिकारिक FAQ के अनुसार इस योजना के लिए कोई अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है।
4. अधिकतम कितना ऋण मिल सकता है?
योजना के आधिकारिक FAQ में उद्यम स्थापना के लिए अधिकतम ₹1 करोड़, व्यापार के लिए ₹10 लाख, व्यक्तिगत महिला लाभार्थी/महिला SHG के लिए ₹50 लाख तथा महिला SHG Cluster/Federation के लिए ₹1 करोड़ तक की अधिकतम ऋण सीमा दी गई है।
5. सामान्य श्रेणी में कितना ऋण अनुदान मिलता है?
स्वीकृत ऋण राशि का 25% ऋण अनुदान देय है। विशेष श्रेणी के पात्र आवेदकों के लिए यह 30% है।
6. विशेष श्रेणी में कौन-कौन आते हैं?
विधवा, परित्यक्ता, हिंसा से पीड़ित महिला, दिव्यांग तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र आवेदकों को 30% ऋण अनुदान का प्रावधान है।
7. क्या राजस्थान का निवासी होना जरूरी है?
हाँ। आधिकारिक FAQ के अनुसार आवेदक का राजस्थान का निवासी होना आवश्यक है।
8. क्या व्यवसाय के लिए Project Report जरूरी है?
यदि परियोजना प्रस्ताव ₹10 लाख से अधिक है, तो आधिकारिक आवेदन पोर्टल के अनुसार Project Report लगाना अनिवार्य है। ₹10 लाख से कम प्रस्ताव के लिए पोर्टल पर Project Report अनिवार्य नहीं बताई गई है।
9. क्या आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है?
हाँ। आवेदन ऑनलाइन किया जाता है और आधिकारिक FAQ में राजस्थान SSO Portal के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने की जानकारी दी गई है।
10. क्या ₹10 लाख तक के ऋण पर Collateral Security लगेगी?
आधिकारिक FAQ के अनुसार ₹10 लाख तक के ऋण पर RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार Collateral Security की मांग नहीं की जाएगी। इससे अधिक ऋण पर वित्तीय संस्था अपने नियमों के अनुसार सुरक्षा मांग सकती है।
आधिकारिक वेबसाइट
राजस्थान SSO Portal:
Rajasthan SSO – Official Portal
योजना का आधिकारिक आवेदन पोर्टल:
Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana – Official Portal
राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग:
Women & Child Development Department, Rajasthan